निर्भया के दोषियों के परिवार की ओर से अभी तक अंतिम मुलाकात की तारीख तय नहीं हुई है। जेल प्रशासन ने अदालत से डेथ वारंट जारी होने के बाद परिवार वालों को पत्र लिखकर इस बात की जानकारी दे दी है। लेकिन फांसी की तारीख नजदीक आने के बावजूद अब तक परिवार वालों की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। हालांकि जेल मैनुअल के मुताबिक सप्ताह में दो दिन होने वाली मुलाकात में परिवार वाले दोषियों से लगातार मिल रहे हैं।
निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए अदालत ने एक फरवरी की तारीख मुकर्रर की है। आदेश के बाद से जेल प्रशासन फांसी ने सारी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। डेथ वारंट जारी होते ही जेल प्रशासन ने दोषियों के परिवार को पत्र लिखकर इस बात की जानकारी दे दी है। पत्र में लिखा है कि अदालत की ओर से जारी डेथ वारंट के आदेश के मुताबिक दोषियों को एक फरवरी की सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।
यदि वे चाहें तो दोषियों से अंतिम मुलाकात कर सकते हैं। लेकिन अभी तक अंतिम मुलाकात को लेकर दोषियों के परिवार से कोई जवाब नहीं आया है। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जेल मैनुअल के मुताबिक दोषियों को परिवार वालों से एक सप्ताह में दो बार मिलने की इजाजत है। इसके तहत ही उनके परिवार वाले उनसे मिल रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर अधिकारी फिक्रमंद
जेल नंबर तीन के हाई सिक्योरिटी सेल में बंद निर्भया के दोषियों की सुरक्षा को लेकर अधिकारी काफी फिक्रमंद हैं। जेल मैनुअल के मुताबिक ही फांसी की सजा पाए दोषियों की सुरक्षा दी जा रही है। लेकिन इसमें कोई चूक न हो इसके लिए लगातार इनके सेल को बदला जा रहा है। वहां की सुरक्षा के इंतजाम खुद जेल उपाधीक्षक करते हैं। इन्हें ऐसे सेल में रखा जाता है जहां बाहर में मौजूद सुरक्षाकर्मी आसानी से इन पर नजर रख सके।
साथ ही सेल में इस बात पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि दोषी कभी भी सुरक्षाकर्मियों और सीसीटीवी कैमरे से ओझल न हो सके। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश है कि वे दोषियों से कोई बात नहीं करेंगे। अगर उन्हें किसी चीज की जरूरत होगी तो सुरक्षाकर्मी जेल अधिकारियों से संपर्क करेंगे। अधिकारी इस बात पर भी विशेष निगरानी रख रहे हैं कि दोषी खाना न छोड़े। इसके लिए लगातार उनका मेडिकल करवाया जा रहा है और उन्हें जेल मैनुअल के मुताबिक ही डाइट भी दी जा रही है।