रेलवे के ई-टिकटिंग के खेल में रेलवे विजिलेंस के निशाने पर धंधेबाज

रेलवे विजिलेंस के निशाने पर धंधेबाज बस्ती। रेलवे के ई-टिकटिंग के खेल में टेरर फंडिंग का पर्दाफाश होने के बाद रेलवे विजिलेंस और आरपीएफ के रडार पर कई और चेहरे हैं। हालांकि आरपीएफ की टीम इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है, मगर लगातार निगरानी के चलते मंडल के तीनों जिलों में कई धंधेबाज निशाने पर हैं।
आईआरसीटीसी के ई-टिकटिंग के जरिए गोलमाल का धंधा कोई नया नहीं है। पहली बार जुलाई-2018 में आरपीएफ निरीक्षक नरेंद्र कुमार यादव ने रेलवे स्टेशन से मुंबई के दो टिकट पकड़े। दो यात्री भी गिरफ्तार हुए। पूछताछ में दोनों ने टिकट मिलने वाला स्थान बता दिया। जब टीम ने टिकट बेचने वाले को दबोचा तो नेटवर्क का पता चल गया। इसके बाद ई-टिकटिंग के खेल को रोकने के लिए गोरखपुर रेलवे विजिलेंस की टीम जुट गई। इस पूरे खेल में टेरर फंडिंग उजागर होने के बाद अब यह टीम गैंग के नेटवर्क को खंगालने में लगी है।
आरपीएफ निरीक्षक नरेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने आठ जून-2019 को बभनान स्टेशन के बाहर शौचालय के पास रेलवे टिकट का धंधा करने वाले पैकोलिया निवासी उदयभान सिंह और मनोज कुमार सिंह के पास से रेलवे काउंटर का टिकट बरामद किया। 13 जून-2019 को खलीलाबाद कस्बे के त्रिपाठी मार्केट में गुलजार ट्रेडिंग पर कार्रवाई कर संचालक अफरोज आलम अंसार और खलीलाबाद कस्बे में बंजरिया में बाबा ट्रैवल्स संचालक शरजील अहमद के पास से 2.60 लाख रुपये के 110 ई- टिकट बरामद किया गया। 29 जुलाई-2019 को दुबौलिया कस्बे में रवि स्टूडियो पर कार्रवाई कर संचालक रवि गुप्ता को गिरफ्तार कर 25 ई-टिकट बरामद किया था। चार सितंबर-2019 को संतकबीनगर के लोहरौली कस्बे से शाह ऑनलाइन सर्विस पर छापा मारा गया। टीम ने संचालक संतकबीरनगर के ग्राम मढ़ना निवासी मोहम्मद आजम को गिरफ्तार कर 25 ई-टिकट बरामद किया। 15 अक्तूबर को कप्तानगंज के शमिया इंफॉर्मेशन सेंटर पर कार्रवाई कर पिलखवां निवासी मोहम्मद जाफर को दबोचा। उसके पास से दो लैपटॉप एवं 20 ई-टिकट बरामद किया गया। यहां अभिलेख की जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त ने दो साल में करीब छह लाख के ई-टिकट बेचे हैं। दो नवंबर-2019 को संतकबीरनगर के नंदौर स्थित असरफ टिकट सेंटर पर कार्रवाई की गई। यहां बड़े पैमाने पर अवैध ई-टिकट बरामद कर संचालक बखिरा थानाक्षेत्र के महुआ निवासी मोहम्मद असरफ को गिरफ्तार किया गया। इसके पास से टीम ने लैपटॉप, प्रिंटर और रिकॉर्ड रजिस्टर बरामद किया।
सात दिसंबर को हर्रैया से दबोचा गए थे सदस्य
जेल रोड गोंडा निवासी अभय प्रताप सिंह एवं थाना सादुल्लानगर नेवादा बलरामपुर निवासी रेहान सिद्दीकी को सात दिसंबर-2019 को आरपीएफ बस्ती, गोंडा की संयुक्त टीम ने हर्रैया बस स्टैंड से दबोचा। टीम ने विशेष प्रकार का एएनएमएस सॉफ्टवेयर बरामद किया। इसे व्हाट्सप ग्रुप के जरिए टिकट एजेंटों को मासिक किराए पर दिया जाता था। देश के विभिन्न हिस्सों से टिकट एजेंट को व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर सॉफ्टवेयर खरीद लेते थे, जिसे सॉफ्टवेयर आईडी व सॉफ्टवेयर को व्हाट्सएप लिंक से भेज कर दे दिया जाता था। यह गैंग फर्जी आईआरसीटीसी का आईडी भी उपलब्ध कराता था।